देर होने से पहले

हम ज़िंदगी में कुछ बातें सालों तक अपने भीतर सँजोए रखते हैं — चुपचाप, बिना शोर किए, बिना किसी को बताए। कोई विचार, कोई इच्छा, कोई अधूरी चिट्ठी, कोई सपना जो जीवन की व्यस्तताओं में कहीं दब सा गया हो। हम खुद से कहते हैं — अभी वक़्त है, एक दिन करेंगे। जब समय मिलेगा, … Continue reading देर होने से पहले